Search

देव भाषा संस्कृत मे महिलाओं को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, आज़ाद



संस्कृत पुनरूत्थान के महानायक आज़ाद ने कहा कि महिला संसार की जननी हैं | स्त्रियों के प्रति शास्त्रों की आदर एवं न्याय दृष्टि अतुलनीय है , उनके मान सम्मान को हर श्लोक में बचाये और बनाये रखा है जिससे साबित होता है की नारी ईश्वर की सर्वश्रेश्ठ रचना है |


१-जिस कुल में स्त्री का सम्मान होता है,वहाँ देवता रमण करते हैं!

और जहाँ अपमान होता है,वहाँ सभी शुभकार्य व्यर्थ हो जाते हैं,देवता पितर उस घर का त्यागकर देते हैं!!(मनुस्मृति एवं महाभारत)

देवता:पितरश्चैव_उत्सवे_पर्वणीषु_वा!

निराशा:प्रतिगच्छन्ति_कश्मलो_पहताद्_गृहात्


२--स्त्रीपर पति अथवा पुत्र के द्वारा लिए गये ऋण को चुकाने का दायित्व नहीं है---