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राष्ट्रवाद के महाविजय में राष्ट्रपुत्र का उदय – आज़ाद

पिछले हफ्ते फ्रांस में आयोजित ७२ वाँ कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारतीय फिल्म जगत के आधार स्तम्भ बॉम्बे टॉकीज़ एवं कामिनी दुबे द्वारा निर्मित, सैन्य विद्यालय से शिक्षित-दीक्षित बहुमुखी प्रतिभा के धनी फिल्मकार आज़ाद द्वारा निर्देशित-अभिनीत फिल्म राष्ट्रपुत्र का रिवेरा थिएटर में भव्य विश्व प्रदर्शन संपन्न हुआ | बहुचर्चित फिल्म राष्ट्रपुत्र का भारत में सफल प्रदर्शन के बाद विश्वपटल पर आना भारत की ओर से राष्ट्रवाद का चरम विस्फोट के तौर पर देखा जा रहा है |

भारतीय सिनेमा जगत के स्तम्भ पुरुष राजनारायण दुबे ने १९३४ में द बॉम्बे टॉकीज़ स्टूडियोज की स्थापना की थी जिसे बॉम्बे टॉकीज़ के नाम से जाना जाता है | पिछले छह दशकों के अंतराल के बाद बॉम्बे टॉकीज़ का भव्य पुनरागमन राष्ट्रवाद से ओतप्रोत फिल्म राष्ट्रपुत्र के माध्यम से हुआ| विश्व प्रसिद्ध कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारत के राष्ट्रपुत्र की अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों ए