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महर्षि के अलंकरण से विभूषित हुए संस्कृत के अन्तर्राष्ट्रीय ब्रांड ऐम्बैसडर संस्कृत महानायक आज़ाद

आषाढ़ शुक्ल एकादशी दिनांक १-७-२०२० को धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज द्वारा स्थापित, दुर्गाकुंड, काशी, वाराणसी स्थित धर्म संघ शिक्षा मंडलम ने देव भाषा संस्कृत एवं सनातन धर्म के उन्नयन,संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक योगदान के लिए संस्कृत महानायक मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) को ‘महर्षि’ की सनातन उपाधि से विभूषित किया। आज़ाद (Aazaad) विश्व के एकमात्र ऐसे कलाकार-फ़िल्मकार हैं जिन्हें सनातन धर्म एवं संस्कृति द्वारा महर्षि के अलंकरण से अलंकृत किया गया है। संस्कृत के अन्तर्राष्ट्रीय ब्रांड ऐम्बैसडर एवं संस्कृत महानायक मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) ने सनातन धर्म एवं संस्कृति को विश्व पटल पर ले जाकर भारत की दैवी संस्कृति से आधुनिक विश्व को अवगत कराया। संस्कृत के माध्यम से भारतीय संस्कृति को जन जन तक पहुँचाने के लिए मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) ने विश्व इतिहास की पहली मुख्यधारा संस्कृत फ़िल्म अहं ब्रह्मास्मि (Aham Brahmasmi) का सृजन कर विश्व को चमत्कृत कर दिया।


देवभाषा संस्कृत जो कि न्यस्त स्वार्थ और हज़ार सालों की राजनैतिक और आत्मिक ग़ुलामी के कारण आज विस्मृत और कर्म-कांड की भाषा मात्र बनकर रह गई थी, उसे मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) जैसे सनातनी एवं क्रांतिकारी प्रतिभा ने पुनर्जीवित कर जन जन की आशा की भाषा में परिवर्तित कर दिया।


डॉक्टर बालकृष्णा शिवराम मूँजे द्वारा स्थापित भोंसला सैन्य विद्यालय के यशस्वी छात्र जो कि डॉक्टर बालकृष्णा शिवराम मूँजे को अपना वैचारिक गुरु मानते हैं। प्रखर राष्ट्रवाद और भारतीय दैवी संस्कृति के प्रखर अग्निधर्मा क्रांतिदूत मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) ने सर्वदा एक उद्धारक और उन्नायक की भूमिका में ही अपनी कला-साधना की है। राजनारायण दुबे, हिमांशु रॉय और देविका रानी द्वारा स्थापित भारतीय सिनमा के आधार स्तम्भ बॉम्बे टॉकीज़ के पुनरुद्धार के साथ ही मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) ने महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद को इतिहास के अंधेरे से निकालकर राष्ट्रपुत्र (Rashtraputra) के माध्यम से पूरी गरिमा के साथ वैश्विक दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया। चंद्रशेखर आज़ाद के विचारों का,उनके जीवन और दर्शन का तब विश्व दर्शकों के सामने महाविस्फोट हुआ जब आज़ाद (Aazaad) द्वारा लिखित-निर्देशित और अभिनीत राष्ट्रपुत्र (Rashtraputra) का फ़्रान्स में आयोजित विश्व प्रसिद्ध ७२ वें कांन्स फ़िल्म फ़ेस्टिवल में ऐतिहासिक प्रदर्शन हुआ।


मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) ने भारत (India) के पुराने गौरव और गरिमा को अपनी कालजयी फ़िल्म ‘अहं ब्रह्मास्मि’ (Aham Brahmasmi) के ज़रिए आज की वैश्विक पीढ़ी तक न सिर्फ़ सफलता पूर्वक पहुँचाया बल्कि नई पीढ़ी के अंदर भारत दैवी संस्कृति का संचार भी किया।


ज्ञातव्य है कि संस्कृत के अन्तर्राष्ट्रीय ब्रांड ऐम्बैसडर और संस्कृत महानायक मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) द्वारा सृजित राष्ट्रपुत्र और अहं ब्रह्मास्मि का निर्माण बॉम्बे टॉकीज़ के सहयोग से सनातनी राष्ट्रवादी महिला निर्मात्री कामिनी दुबे (Kamini Dube) ने किया है।


मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) साहित्य,कला और संस्कृति के बहु आयामी हस्ताक्षर हैं।भारत को पुन: विश्वगुरु बनाने की दिशा में आज़ाद मन -वचन और कर्म से संग्लग्न हैं। भारत की आध्यात्मिक सम्पदा उनकी पूँजी है। संस्कृत के साथ ही संस्कृत से उत्पन्न सभी भारतीय भाषाओं के वैश्विक प्रचार-प्रसार,संरक्षण,उन्नयन और प्रोत्साहन के लिए मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) कृत संकल्प हैं।मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) ने अपनी कला-साधना की परिधि में संस्कृत के साथ ही विश्व की प्राचीनतम भाषाओं को भी सम्मिलित किया है। मेगास्टार आज़ाद (Megastar Aazaad) की तमिल और लैटिन फ़िल्में भी कोरोना-काल के बाद प्रदर्शन हेतु तैय्यार हैं।