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अभी वक़्त ठहरा नहीं है - महर्षि आज़ाद की कविता

National News Bureau

Mumbai 21/09/20 :



अभी वक़्त ठहरा नहीं है,

अभी समय भी बीता नहीं है

प्रगतिपथ पर कई क़िस्से उकेरे नहीं है...

जीवन की ठोकरो को अभी जवाब देना बाकी है।

मैं देख रहा हूँ आने वाले कल के धुँधलके में,

अपने बीते हुए कल की परछाई,

जो निखारेंगी जीवन के उस अंधेरे पल को,

जो जीवन देगी, मुझे मेरे जाने के बाद...

तब, कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होगा,

होगा तो केवल मेरे कलम से लिखी,

मेरी लिखावट का अमिट हस्ताक्षर...#आज़ाद


-महर्षि आज़ाद